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Thursday, January 27, 2011

हम भी कभी मुस्कराया करते थे.....!!!!

हम भी कभी मुस्कराया करते थे,

उजाले में भी शोर मचाया करते थे,

उसी ने जला दिया मेरी हाथो की लकीरों को,

जिस दीये को हम हवा से बचाया करते थे..!!

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